Tag: लोकतंत्र
“जनता पर लाठी, सत्ता के आगे सलामी? पुलिस जनता की है या ...
पुलिस जनता की है या सत्ता की? लाठीचार्ज, हिरासत, राजनीतिक दबाव और पुलिस जवाबदेही पर विजय के बयान के बहाने उठते गंभीर सवाल।...
“जब प्रधानमंत्री ही जनता को बांटने लगें: ‘दिमागी नक्सल’...
प्रधानमंत्री के ‘दिमागी नक्सल’ और ‘नाराज फूफा’ वाले बयान पर सवाल: क्या सत्ता को जनता की आलोचना से असहज होना चाहिए? लोकतंत्र में सव...
GDP की चमक के पीछे आम आदमी की हकीकत: अर्थव्यवस्था, राजन...
भारत की 7.8% GDP वृद्धि, आम जनता की आर्थिक स्थिति, राजनीतिक फंडिंग, BJP की संपत्ति और Form 7 के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने के आ...
“जब वर्दी संविधान भूल जाए: Justice Bhuyan की कड़ी चेताव...
Justice Ujjal Bhuyan की पुलिस कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी ने लोकतंत्र, नागरिक अधिकार, शांतिपूर्ण विरोध और पुलिस जवाबदेही पर गंभीर सवा...
एक पोस्ट से इतनी घबराहट क्यों? विरोध की आवाज दबाकर सरका...
आशीष जोशी से नौ घंटे की पूछताछ ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकारी कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। विरोध और आलोचना पर FIR या गिरफ...
सवाल पूछना गुनाह है क्या? BCI की कार्रवाई पर सुप्रीम को...
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कानून छात्रों की आवाज दबाने और असहमति को नियंत्रित करने की कोशिशों पर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। जानिए ल...
“नशे में डूबता युवा, मोबाइल में कैद पीढ़ी और भ्रष्टाचार...
शिक्षा और आर्थिक असमानता, बेरोजगारी, नशे, मोबाइल की बढ़ती लत और भ्रष्टाचार के बीच फंसती युवा पीढ़ी पर तीखा विचार लेख। सवाल है—जब व...
“UN ने पूछा भारत से नफरत का हिसाब, अब असली सवाल—कानून म...
UN की हेट स्पीच और हेट क्राइम पर टिप्पणी से भारत में नई बहस छिड़ी। जानिए UN की आपत्तियां, भारत का जवाब और कानून, लोकतंत्र व राष्ट्...
“‘जियो और जीने दो’ बनाम ‘मारो और जियो’: क्या भारतीय राज...
भारतीय राजनीति में बदलती राजनीतिक संस्कृति, विपक्ष के प्रति रवैया, असहमति की आज़ादी, सत्ता के केंद्रीकरण और लोकतांत्रिक जवाबदेही प...
NEET Protest में पुलिस का ‘दमन’! सुप्रीम कोर्ट ने पूछा—...
NEET प्रदर्शन में पुलिस पर हिंसा और महिला प्रदर्शनकारियों से कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप ने पुलिस...
स्कूल तबेले में, समाज सियासत में: क्या राजनीति ने हमारी...
राजनीतिक ध्रुवीकरण के दौर में सरकारी स्कूलों की बदहाली पर सवाल उठाने के बजाय समाज आपस में क्यों लड़ रहा है? जयपुर की घटना के बहाने...
‘जय-जय मोदी, हर-हर मोदी’: जब नेता भगवान बन जाए, समझिए ल...
दिल्ली प्रेस क्लब में ‘मोदी चालीसा’ और प्रधानमंत्री के कटआउट की आरती ने व्यक्तिपूजा, सत्ता की भक्ति और लोकतंत्र की दिशा पर गंभीर स...