politicsinsightindia

img

जनता ने डरना छोड़ा, सत्ता से सवाल शुरू! क्या डगमगा रहा ...

भारत में बढ़ते जनआक्रोश, बेरोजगारी, पेपर लीक, चुनावी पारदर्शिता, राजनीतिक फंडिंग और संस्थाओं की जवाबदेही पर उठते सवालों के बीच क्य...

पहले सरकारी शिक्षा को कमजोर किया, शिक्षा का बाजारीकरण क...

भारत में कोचिंग सिस्टम को “माफिया” बताने और युवाओं में Employability Crisis की चिंता के बीच बड़ा सवाल यह है—जब सरकारी शिक्षा व्यवस...

“सत्ता का सुपर-केंद्र: महाराष्ट्र से दिल्ली तक क्या लोक...

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री की बढ़ती शक्तियों से लेकर केंद्र-राज्य संबंधों तक, यह लेख भारत में बढ़ते सत्ता-केंद्रीकरण और कमजोर होते...

चीन की चाल, भारत की चुप्पी? शेरा-5 से गलवान तक की कड़वी...

शेरा-5 से गलवान तक भारत-चीन सीमा पर उठते गंभीर सवालों की पड़ताल। क्या रणनीतिक चुप्पी, बदलती जमीनी हकीकत और चीन की ‘सलामी स्लाइसिंग...

NTA की नाकामी पर सरकार की जिद: सवाल तीन विषयों का नहीं,...

NTA की बार-बार सामने आती परीक्षा संबंधी खामियों, प्रश्नपत्रों की त्रुटियों, री-एग्जाम और छात्रों की परेशानियों के बीच यह संपादकीय ...

NEET प्रदर्शन पर सियासी संग्राम: राहुल गांधी का रिजिजू ...

NEET प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पर निशाना साधा। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बचाव में रिजिजू के ब...

पुणे में आदिवासी छात्रों का अनिश्चितकालीन अनशन: 12,500 ...

पुणे में आदिवासी छात्रों का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आंदोलन कई लंबित मांगों को लेकर तेज हो गया है। 12,500 आदिवासी पदों की भर्ती, P...

लाल किले से बड़े वादे, जमीन पर बढ़ती बेचैनी: किसान, युव...

भारत के बड़े विकास-सपनों और जमीनी हकीकत के बीच बढ़ती दूरी पर यह आलोचनात्मक विश्लेषण ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसान आय, बेरोजगारी, उच्...

हरित भारत का हिसाब: CAG की रिपोर्ट ने खोली सरकारी दावों...

CAG की Green India Mission रिपोर्ट ने सरकारी दावों की गंभीर पड़ताल की है। लक्ष्य से भारी पिछड़ने, कमजोर निगरानी, inflated आंकड़ों,...

बारिश में विधानसभा के बाहर मूक-बधिरों की आवाज: 20 सूत्र...

लखनऊ में बारिश के बीच विधानसभा के बाहर मूक-बधिर समुदाय ने 20 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। शिक्षा, रोजगार, सांकेतिक भाषा स...

लाल किले से 12 वर्षों का हिसाब क्यों नहीं? वादे, उपलब्ध...

12 वर्षों में लाल किले से किए गए बड़े वादों और लक्ष्यों का तथ्य-आधारित विश्लेषण—किसानों की आय, रोजगार, 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्थ...

क्या कमजोर सरकारी शिक्षा गरीब बच्चों को सस्ते श्रम की ओ...

भारत के सरकारी स्कूलों में शिक्षक, भवन, डिजिटल सुविधाओं और सीखने की गुणवत्ता का संकट। क्या कमजोर सार्वजनिक शिक्षा गरीब बच्चों को न...

This site uses cookies. By continuing to browse the site you are agreeing to our use of cookies Find out more here