Tag: लोकतंत्र

"अब अंध आज्ञाकारिता का समय नहीं रहा": Gen Z, RSS और भार...

क्या 15–19 वर्ष की नई पीढ़ी भारत की राजनीति और लोकतंत्र की दिशा बदल रही है? CJP आंदोलनों के बाद RSS प्रमुख मोहन भागवत के Gen Z संव...

लोकतंत्र का नया 'आर्किटेक्चर': जन-प्रतिनिधित्व का विस्त...

लोकसभा सीटों के संभावित विस्तार और परिसीमन की बहस के बीच यह विश्लेषण लोकतंत्र, जन-प्रतिनिधित्व, संघवाद, विपक्ष की भूमिका और संसदीय...

डिजिटल गुंडागर्दी का सच: ट्रोल आर्मी का बढ़ता साम्राज्य...

क्या भारत की डिजिटल राजनीति ट्रोलिंग, ऑनलाइन धमकियों और डॉक्सिंग की ओर बढ़ रही है? गौरव गोगोई के हालिया आरोपों के बहाने पढ़ें सोशल...

जब पंखे और पानी के लिए भी बच्चों को सड़क पर उतरना पड़े,...

उत्तर प्रदेश में पंखे, स्वच्छ पेयजल और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर स्कूली बच्चों के आंदोलन ने शिक्षा व्यवस्था और सरकारी जवाब...

एथेनॉल पर गडकरी का विरोधाभास: पहले आलोचकों पर मुकदमे, अ...

क्या एथेनॉल विवाद में नितिन गडकरी के सार्वजनिक बयान, अदालत में दिए गए दावे और संसद में की गई स्वीकारोक्ति एक-दूसरे से मेल खाते हैं...

21 चिताओं की राख पर विजयी जश्न और सत्ता का पाखंड...

21 छात्रों की मौत, पेपर लीक विवाद, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में हुए स्वागत समारोह, मिथिला के 'पाग' पर उठे विवाद, वि...

क्या सरकार का काम शासन चलाना है या लोगों की पार्टी पर न...

CJP के कथित पार्टी वीडियो पर उठे विवाद के बहाने यह लेख लोकतंत्र, निजता और राजनीतिक जवाबदेही के बीच संतुलन की पड़ताल करता है। क्या ...

सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी: "जिम्मेदारी तय किए बिना ...

सुप्रीम कोर्ट ने CJP मार्च हिंसा मामले में कहा कि जिम्मेदारी तय किए बिना जांच का कोई अर्थ नहीं है। जानिए अदालत की प्रमुख टिप्पणिया...

सत्ता का अहंकार, खाकी की क्रूरता और एक स्त्री का हस्तक्...

जंतर मंतर, छात्र आंदोलन, लोकतंत्र, धर्मेंद्र प्रधान, सीमा धुंडिया, पुलिस सुधार, नागरिक पत्रकारिता, मानवाधिकार, राजनीतिक विश्लेषण, ...

जंतर मंतर का छात्र आंदोलन: कैसे 36 दिनों में बदल गई भार...

जंतर मंतर का 36 दिनों तक चला छात्र आंदोलन केवल एक धरना नहीं, बल्कि भारत में विरोध की बदलती संस्कृति का प्रतीक बन गया। मीम्स, व्यंग...

संवाद बनाम टकराव: छात्र आंदोलनों को बल से नहीं, भरोसे औ...

छात्र आंदोलनों, पुलिस कार्रवाई और लोकतंत्र के बीच संतुलन पर यह विश्लेषण संवाद, विश्वास और संवैधानिक मूल्यों की आवश्यकता को रेखांकि...

क्या अब सरकार से सवाल पूछना भी अपराध है? एथेनॉल विवाद म...

एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर सवाल उठाने वाले सोशल मीडिया क्रिएटर्स पर FIR के बाद लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकारी जवाबदेह...

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