Tag: भारत

BRICS की नई दिल्ली घोषणा: बदलने जा रही है विश्व व्यवस्थ...

नई दिल्ली BRICS Summit 2026 की 140-बिंदु वाली संयुक्त घोषणा ने वैश्विक व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। स्थानीय मुद्रा मे...

“नशे में डूबता युवा, मोबाइल में कैद पीढ़ी और भ्रष्टाचार...

शिक्षा और आर्थिक असमानता, बेरोजगारी, नशे, मोबाइल की बढ़ती लत और भ्रष्टाचार के बीच फंसती युवा पीढ़ी पर तीखा विचार लेख। सवाल है—जब व...

“UN ने पूछा भारत से नफरत का हिसाब, अब असली सवाल—कानून म...

UN की हेट स्पीच और हेट क्राइम पर टिप्पणी से भारत में नई बहस छिड़ी। जानिए UN की आपत्तियां, भारत का जवाब और कानून, लोकतंत्र व राष्ट्...

टैक्स दो, फिर भी सब कुछ खुद खरीदो? सरकारी स्कूल, अस्पता...

क्या भारत में टैक्स के बदले नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सरकारी सेवाएँ मिल रही हैं? सरकारी स्कूल, अस्पताल, न्यायपालिका, पुलिस, सड़क, ...

"अब अंध आज्ञाकारिता का समय नहीं रहा": Gen Z, RSS और भार...

क्या 15–19 वर्ष की नई पीढ़ी भारत की राजनीति और लोकतंत्र की दिशा बदल रही है? CJP आंदोलनों के बाद RSS प्रमुख मोहन भागवत के Gen Z संव...

सफाई कर्मचारियों का संघर्ष : केवल नौकरी नहीं, गरिमा, सम...

सफाई कर्मचारियों का संघर्ष केवल नियमितीकरण या वेतन का मुद्दा नहीं, बल्कि गरिमा, समानता, सामाजिक सुरक्षा और संविधान प्रदत्त जीवन के...

पेपर लीक, Nuclear Data Leak से DRDO डेटा तक: आखिर देश क...

पेपर लीक, संवेदनशील डेटा विवाद और साइबर सुरक्षा से जुड़े लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच क्या भारत की सुरक्षा व्यवस्था गहन समीक्ष...

सत्ता का अहंकार, खाकी की क्रूरता और एक स्त्री का हस्तक्...

जंतर मंतर, छात्र आंदोलन, लोकतंत्र, धर्मेंद्र प्रधान, सीमा धुंडिया, पुलिस सुधार, नागरिक पत्रकारिता, मानवाधिकार, राजनीतिक विश्लेषण, ...

जंतर मंतर का छात्र आंदोलन: कैसे 36 दिनों में बदल गई भार...

जंतर मंतर का 36 दिनों तक चला छात्र आंदोलन केवल एक धरना नहीं, बल्कि भारत में विरोध की बदलती संस्कृति का प्रतीक बन गया। मीम्स, व्यंग...

छात्रों को दहशतगर्द बोलने वाले मंत्री उसी मिटटी की फसल:...

साल 2024–2026 के पेपर लीक विवादों ने भारतीय परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह लेख NTA की कार्यप्रणाली, परीक्षा सुर...

संवाद बनाम टकराव: छात्र आंदोलनों को बल से नहीं, भरोसे औ...

छात्र आंदोलनों, पुलिस कार्रवाई और लोकतंत्र के बीच संतुलन पर यह विश्लेषण संवाद, विश्वास और संवैधानिक मूल्यों की आवश्यकता को रेखांकि...

सरकारी बनाम निजी शिक्षा: क्या भारत में समान अवसर केवल क...

भारत की शिक्षा व्यवस्था में सरकारी और निजी स्कूलों के बीच बढ़ती असमानता का गहन विश्लेषण। जानिए कैसे शिक्षा में अवसरों, संसाधनों, फ...

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