Tag: ग्रामीण अर्थव्यवस्था
किसान को सस्ता बेचने पर मजबूर करके देश महंगा क्यों खरीद...
किसान महंगाई का दोषी नहीं है। जानिए खाद्य कीमतों के अलावा स्टील, सीमेंट, डीजल, ऊर्जा, टैक्स, परिवहन और सरकारी नीतियां महंगाई को कै...
किसान गरीब क्यों है? खेत में मेहनत, बाजार में मजबूरी और...
देविंदर शर्मा के सवालों के बीच बड़ा मुद्दा—क्या भारत की कृषि नीति छोटे किसान को स्थायी आय, प्रत्यक्ष सहायता और आर्थिक सुरक्षा देने...
कर्जमाफी नहीं, ऐसी कृषि नीति चाहिए जिससे किसान फिर कभी ...
भारत के किसान को कर्ज और संकट से निकालने के लिए 12 सूत्रीय व्यापक मांग-पत्र। लाभकारी मूल्य, MSP, कम उत्पादन लागत, स्थिर आयात-निर्य...
“विकसित भारत” का सपना या सिर्फ नारा? GDP बढ़ रही है, फि...
विकसित भारत @2047 का सपना तभी पूरा होगा जब GDP के साथ रोजगार, किसान आय, MSME, शिक्षा, स्वास्थ्य और आम नागरिक की आर्थिक सुरक्षा बढ़...
लाल किले से बड़े वादे, जमीन पर बढ़ती बेचैनी: किसान, युव...
भारत के बड़े विकास-सपनों और जमीनी हकीकत के बीच बढ़ती दूरी पर यह आलोचनात्मक विश्लेषण ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसान आय, बेरोजगारी, उच्...
NCDC Amendment Bill 2026: सहकारिता के नाम पर किसका होगा...
NCDC Amendment Bill 2026 सहकारिता, किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े बड़े सवाल उठाता है। क्या बढ़ी वित्तीय शक्तियां किसानों क...
नेहरू मॉडल बनाम चौधरी चरण सिंह मॉडल: भारत की अर्थव्यवस्...
स्वतंत्र भारत के विकास मॉडल पर नेहरू और चौधरी चरण सिंह के आर्थिक विचारों की ऐतिहासिक तुलना। जानिए कृषि बनाम औद्योगिकीकरण की बहस, छ...
"यमन और वेनेजुएला क्यों टूट गए, लेकिन ईरान और रूस क्यों...
यमन, वेनेजुएला, ईरान और रूस के अनुभवों के आधार पर समझिए कि खाद्य आत्मनिर्भरता किसी भी देश की सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत क्यों मानी जात...
अमेरिका से डील या भारत की खाद्य गुलामी? किसानों की चेता...
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर किसानों की चेतावनी। जानिए क्यों खाद्य आत्मनिर्भरता, किसान हित और उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर बढ़ रही ह...
"बाज़ार पर निर्भर किसान नहीं, बल्कि बाज़ार में किसान की...
क्या भारत के किसानों को सब्सिडी की जगह सम्मानजनक आय मिलनी चाहिए? जानिए एक हेक्टेयर तक के 8 करोड़ किसानों को ₹1,00,000 प्रतिवर्ष प्...
"सवाल पूछने वालों को गद्दार बताने का फैशन देश को कहाँ ल...
लोकतंत्र में असहमति और सरकार की आलोचना देशद्रोह नहीं, बल्कि जनविकास और जवाबदेही की आधारशिला है। बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसा...