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एथेनॉल पर गडकरी का विरोधाभास: पहले आलोचकों पर मुकदमे, अ...
क्या एथेनॉल विवाद में नितिन गडकरी के सार्वजनिक बयान, अदालत में दिए गए दावे और संसद में की गई स्वीकारोक्ति एक-दूसरे से मेल खाते हैं...
21 चिताओं की राख पर विजयी जश्न और सत्ता का पाखंड...
21 छात्रों की मौत, पेपर लीक विवाद, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद में हुए स्वागत समारोह, मिथिला के 'पाग' पर उठे विवाद, वि...
रिकॉर्ड उत्पादन, फिर भी सड़क पर किसान: मध्य प्रदेश के म...
मध्य प्रदेश में मूंग खरीद को लेकर किसान आंदोलन तेज हो गया है। रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद 100% सरकारी खरीद, MSP, ई-टोकन व्यवस्था और ...
पेपर लीक, Nuclear Data Leak से DRDO डेटा तक: आखिर देश क...
पेपर लीक, संवेदनशील डेटा विवाद और साइबर सुरक्षा से जुड़े लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच क्या भारत की सुरक्षा व्यवस्था गहन समीक्ष...
Anti Paper Leak Bill 2026: क्या नया कानून परीक्षा माफिय...
लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल 2026 पर हुई बहस का 3000+ शब्दों में विस्तृत विश्लेषण। जानिए सरकार और विपक्ष के तर्क, कानून की प्रमुख ...
क्या सरकार का काम शासन चलाना है या लोगों की पार्टी पर न...
CJP के कथित पार्टी वीडियो पर उठे विवाद के बहाने यह लेख लोकतंत्र, निजता और राजनीतिक जवाबदेही के बीच संतुलन की पड़ताल करता है। क्या ...
सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी: "जिम्मेदारी तय किए बिना ...
सुप्रीम कोर्ट ने CJP मार्च हिंसा मामले में कहा कि जिम्मेदारी तय किए बिना जांच का कोई अर्थ नहीं है। जानिए अदालत की प्रमुख टिप्पणिया...
"ज़िंदगी का आधा हिस्सा यह तय करने में बीतता है कि क्या ...
इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की युवाओं को दी गई सलाह—"ज़िंदगी का आधा हिस्सा यह तय करने में बीतता है कि क्या नहीं करना है"—...
नीलेकणी की परीक्षा सुधार समिति: क्या इस बार बदलेगी व्यव...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में गठित परीक्षा सुधार टास्क फोर्स पर यह विस्तृत विश्लेषण पढ़ें। जानिए ...
पुलिस की वर्दी संविधान की है या सत्ता की?...
दिल्ली के जंतर-मंतर और किसान घाट की घटनाओं की पृष्ठभूमि में यह संपादकीय पुलिस, संविधान और लोकतंत्र के संबंधों पर सवाल उठाता है। ले...
जब खाकी के भीतर से उठी संवेदनशीलता की आवाज़: आईजी सीमा ...
जंतर-मंतर घटनाक्रम के बाद आईजी सीमा धुंडिया के हस्तक्षेप और 26 सुधारात्मक कदमों ने भारतीय पुलिसिंग, लोकतांत्रिक अधिकारों और संवेदन...
सत्ता का अहंकार, खाकी की क्रूरता और एक स्त्री का हस्तक्...
जंतर मंतर, छात्र आंदोलन, लोकतंत्र, धर्मेंद्र प्रधान, सीमा धुंडिया, पुलिस सुधार, नागरिक पत्रकारिता, मानवाधिकार, राजनीतिक विश्लेषण, ...