Tag: महंगाई
रुपया गिरना सिर्फ डॉलर की कहानी नहीं, किसान और आम आदमी ...
रुपये की गिरावट सिर्फ डॉलर की कीमत नहीं, बल्कि किसान की लागत, महंगाई, आयात बिल और आम आदमी की क्रय-शक्ति से जुड़ा गंभीर आर्थिक सवाल...
“10,546 मौतें और सरकारी खामोशी! कर्ज, महंगाई और घाटे ने...
भारत में किसान आत्महत्या का बढ़ता संकट कृषि नीति और जनकल्याण की राजनीति पर गंभीर सवाल है। 2024 में 10,546 कृषि क्षेत्र से जुड़े लो...
किसान को सस्ता बेचने पर मजबूर करके देश महंगा क्यों खरीद...
किसान महंगाई का दोषी नहीं है। जानिए खाद्य कीमतों के अलावा स्टील, सीमेंट, डीजल, ऊर्जा, टैक्स, परिवहन और सरकारी नीतियां महंगाई को कै...
GDP की चमक के पीछे आम आदमी की हकीकत: अर्थव्यवस्था, राजन...
भारत की 7.8% GDP वृद्धि, आम जनता की आर्थिक स्थिति, राजनीतिक फंडिंग, BJP की संपत्ति और Form 7 के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने के आ...
“विकसित भारत” का सपना या सिर्फ नारा? GDP बढ़ रही है, फि...
विकसित भारत @2047 का सपना तभी पूरा होगा जब GDP के साथ रोजगार, किसान आय, MSME, शिक्षा, स्वास्थ्य और आम नागरिक की आर्थिक सुरक्षा बढ़...
थोक महंगाई 44 महीने के उच्चतम स्तर पर, क्या मोदी सरकार ...
भारत में थोक महंगाई 44 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। जानिए...
'बीमारू' से 'टॉप-3 अर्थव्यवस्था' तक: योगी सरकार के दावे...
उत्तर प्रदेश के टॉप-3 अर्थव्यवस्था बनने के दावे का तथ्यात्मक विश्लेषण। बेरोज़गारी, शिक्षा, किसानों, बिजली, आर्थिक असमानता और जनकल्...
आम आदमी का सबसे बड़ा सवाल- कच्चा तेल सस्ता, फिर भी पेट्...
कच्चा तेल सस्ता हो गया, लेकिन पेट्रोल-डीजल अब भी महंगा है। आखिर जनता को राहत क्यों नहीं मिल रही? पढ़िए महंगाई, टैक्स और ईंधन कीमतो...
नए भारत की राजनीति: "रिकॉर्ड पर तालियाँ, अधूरे वादों पर...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिकॉर्ड कार्यकाल पर हो रहे उत्सव के बीच यह लेख महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक असमानता, किसान संकट, शिक्षा,...
"देश की सबसे बड़ी लूट? पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों प...
पेट्रोल, डीजल, CNG और LPG के बढ़ते दाम आज देश के हर परिवार की चिंता बन चुके हैं। ईंधन महंगाई का असर केवल परिवहन तक सीमित नहीं है, ...
बेरोजगारी, असमानता और कमजोर होती सार्वजनिक व्यवस्था: कम...
"भारत में निजीकरण के 12 वर्षों का विश्लेषण। जानिए बेरोजगारी, महंगाई, आर्थिक असमानता, सार्वजनिक क्षेत्र और जनहित पर इसके प्रभाव।"...