Tag: Constitutional Rights
FIR हुई तो क्या पुलिस को खुली छूट मिल गई? पत्रकार की तल...
पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के खिलाफ FIR और उनकी तलाश में दिल्ली पहुंची UP Police की कथित आधी रात की कार्रवाई ने पुलिस अधिकार, नागरिको...
“जब वर्दी संविधान भूल जाए: Justice Bhuyan की कड़ी चेताव...
Justice Ujjal Bhuyan की पुलिस कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी ने लोकतंत्र, नागरिक अधिकार, शांतिपूर्ण विरोध और पुलिस जवाबदेही पर गंभीर सवा...
“सवाल पूछना गुनाह नहीं! जस्टिस उज्ज्वल भुइयां का सत्ता ...
जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अवज्ञा नहीं है। छात्रों की असहमति पर धमकी या दंड संवैधानिक मूल्यों और अभिव...
सवाल पूछना गुनाह है क्या? BCI की कार्रवाई पर सुप्रीम को...
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कानून छात्रों की आवाज दबाने और असहमति को नियंत्रित करने की कोशिशों पर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। जानिए ल...
CJI पर सवाल उठाए तो Convocation ही रद्द! NLSIU में आखिर...
CJI की मौजूदगी के विरोध के बीच NLSIU का 2026 Convocation रद्द हुआ। जानिए छात्र विरोध, NALSAR विवाद और ‘कॉकरोच मानसिकता’ पर उठे बड़...
NEET Protest में पुलिस का ‘दमन’! सुप्रीम कोर्ट ने पूछा—...
NEET प्रदर्शन में पुलिस पर हिंसा और महिला प्रदर्शनकारियों से कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप ने पुलिस...
FIR लिखवाने के लिए राहुल गांधी को धरना क्यों देना पड़ा?...
साहिल लोचव पैलेट गन मामले में FIR के लिए राहुल गांधी के धरने ने पुलिस, संविधान और नागरिक अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। क्या...
जब खाकी के भीतर से उठी संवेदनशीलता की आवाज़: आईजी सीमा ...
जंतर-मंतर घटनाक्रम के बाद आईजी सीमा धुंडिया के हस्तक्षेप और 26 सुधारात्मक कदमों ने भारतीय पुलिसिंग, लोकतांत्रिक अधिकारों और संवेदन...
सत्ता का अहंकार, खाकी की क्रूरता और एक स्त्री का हस्तक्...
जंतर मंतर, छात्र आंदोलन, लोकतंत्र, धर्मेंद्र प्रधान, सीमा धुंडिया, पुलिस सुधार, नागरिक पत्रकारिता, मानवाधिकार, राजनीतिक विश्लेषण, ...
सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत, सरकार की चुप्पी और उठते स...
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, मोदी सरकार की रणनीति, लोकतंत्र, संवाद, लद्दाख और राजनीतिक प्रभाव का 2026 के संदर्भ में विस्तृत, तथ्य-आ...