Tag: शिक्षा

“1,678 गलतियाँ और एक भूख हड़ताल: क्या सरकारी जवाबदेही क...

ओडिशा की सरकारी पाठ्यपुस्तकों में 1,678 से अधिक गलतियों ने शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक लापरवाही और सरकारी जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड...

“नशे में डूबता युवा, मोबाइल में कैद पीढ़ी और भ्रष्टाचार...

शिक्षा और आर्थिक असमानता, बेरोजगारी, नशे, मोबाइल की बढ़ती लत और भ्रष्टाचार के बीच फंसती युवा पीढ़ी पर तीखा विचार लेख। सवाल है—जब व...

“विकसित भारत” का सपना या सिर्फ नारा? GDP बढ़ रही है, फि...

विकसित भारत @2047 का सपना तभी पूरा होगा जब GDP के साथ रोजगार, किसान आय, MSME, शिक्षा, स्वास्थ्य और आम नागरिक की आर्थिक सुरक्षा बढ़...

टैक्स दो, फिर भी सब कुछ खुद खरीदो? सरकारी स्कूल, अस्पता...

क्या भारत में टैक्स के बदले नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सरकारी सेवाएँ मिल रही हैं? सरकारी स्कूल, अस्पताल, न्यायपालिका, पुलिस, सड़क, ...

जब पंखे और पानी के लिए भी बच्चों को सड़क पर उतरना पड़े,...

उत्तर प्रदेश में पंखे, स्वच्छ पेयजल और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर स्कूली बच्चों के आंदोलन ने शिक्षा व्यवस्था और सरकारी जवाब...

"ज़िंदगी का आधा हिस्सा यह तय करने में बीतता है कि क्या ...

इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की युवाओं को दी गई सलाह—"ज़िंदगी का आधा हिस्सा यह तय करने में बीतता है कि क्या नहीं करना है"—...

जंतर मंतर का छात्र आंदोलन: कैसे 36 दिनों में बदल गई भार...

जंतर मंतर का 36 दिनों तक चला छात्र आंदोलन केवल एक धरना नहीं, बल्कि भारत में विरोध की बदलती संस्कृति का प्रतीक बन गया। मीम्स, व्यंग...

सरकारी बनाम निजी शिक्षा: क्या भारत में समान अवसर केवल क...

भारत की शिक्षा व्यवस्था में सरकारी और निजी स्कूलों के बीच बढ़ती असमानता का गहन विश्लेषण। जानिए कैसे शिक्षा में अवसरों, संसाधनों, फ...

जंतर-मंतर का 'एग्जाम': युवाओं का अनशन, सत्ता का घमंड, स...

जंतर-मंतर पर 19 दिनों से जारी छात्र आंदोलन ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। सोनम वांगचुक के अनशन, पेपर लीक विवाद, विपक्...

'बीमारू' से 'टॉप-3 अर्थव्यवस्था' तक: योगी सरकार के दावे...

उत्तर प्रदेश के टॉप-3 अर्थव्यवस्था बनने के दावे का तथ्यात्मक विश्लेषण। बेरोज़गारी, शिक्षा, किसानों, बिजली, आर्थिक असमानता और जनकल्...

"सवाल पूछने वालों को गद्दार बताने का फैशन देश को कहाँ ल...

लोकतंत्र में असहमति और सरकार की आलोचना देशद्रोह नहीं, बल्कि जनविकास और जवाबदेही की आधारशिला है। बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसा...

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