Tag: Editorial
मेरिट बारिश में भीग रही है, सत्ता अब भी सूखी है: जेपीएस...
झारखंड में जेपीएससी विवाद, सीआईडी की छापेमारी और बारिश के बीच जारी छात्र आंदोलन ने भर्ती व्यवस्था की पारदर्शिता, मेरिट और समान अवस...
NEET से ध्यान भटकाने की राजनीति? 'मैंने माफ़ कर दिया' व...
NEET आंदोलन, जंतर-मंतर विवाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'माफ़ी' वाले वीडियो के बाद उठे लोकतांत्रिक सवालों का गहन विश्लेषण। क्...
क्या सरकार का काम शासन चलाना है या लोगों की पार्टी पर न...
CJP के कथित पार्टी वीडियो पर उठे विवाद के बहाने यह लेख लोकतंत्र, निजता और राजनीतिक जवाबदेही के बीच संतुलन की पड़ताल करता है। क्या ...
पुलिस की वर्दी संविधान की है या सत्ता की?...
दिल्ली के जंतर-मंतर और किसान घाट की घटनाओं की पृष्ठभूमि में यह संपादकीय पुलिस, संविधान और लोकतंत्र के संबंधों पर सवाल उठाता है। ले...
जब खाकी के भीतर से उठी संवेदनशीलता की आवाज़: आईजी सीमा ...
जंतर-मंतर घटनाक्रम के बाद आईजी सीमा धुंडिया के हस्तक्षेप और 26 सुधारात्मक कदमों ने भारतीय पुलिसिंग, लोकतांत्रिक अधिकारों और संवेदन...
जंतर-मंतर में छात्रों पर बल प्रयोग: क्या लोकतंत्र पर भा...
जंतर-मंतर में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद उठे गंभीर सवालों का तथ्य-आधारित विश्लेषण। RAF नेतृत्व द्वारा कथित प्रोटोकॉल संब...
संवाद बनाम टकराव: छात्र आंदोलनों को बल से नहीं, भरोसे औ...
छात्र आंदोलनों, पुलिस कार्रवाई और लोकतंत्र के बीच संतुलन पर यह विश्लेषण संवाद, विश्वास और संवैधानिक मूल्यों की आवश्यकता को रेखांकि...
क्या लोकतंत्र में विरोध करना भी अपराध है? — छात्रों के ...
NEET पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन, दिल्ली हाईकोर्ट में दायर PIL, पुलिस कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों पर आधारित विस्तृत संपादकीय।...
क्या जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ की गयी बदसलूकी के लिए ...
जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, जवाबदेही, प्रधानमंत्री से माफ...
"क्या सरकार युवाओं के सपने छोटे कर रही है? वॉरेन बफेट ब...
क्या भारत का भविष्य केवल कुशल श्रमिक तैयार करने में है या वैज्ञानिक, उद्यमी और वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने में? वॉरेन बफेट और डॉ. व...
जब संकट था तब प्रधानमन्त्री चुप थे, क्या अब सजा की बात ...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की NEET पेपर लीक पर पहली प्रतिक्रिया के बाद भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। यह संपादकीय देरी से आए बयान, परीक्...
सोनम वांगचुक का आमरण अनशन: क्या लोकतंत्र में भूख हड़ताल ...
सोनम वांगचुक के आमरण अनशन ने भारतीय लोकतंत्र, सरकार की जवाबदेही और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर नई बहस छेड़ दी है। पढ़ें गांधी, प...