Tag: जनता की आवाज

दिल्ली में जनता की आवाज पर पुलिस का पहरा! विरोध रोककर क...

दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन पर प्रतिबंध और हजारों लोगों की हिरासत ने लोकतंत्र, नागरिक अधिकारों और सत्ता की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड...

“जब प्रधानमंत्री ही जनता को बांटने लगें: ‘दिमागी नक्सल’...

प्रधानमंत्री के ‘दिमागी नक्सल’ और ‘नाराज फूफा’ वाले बयान पर सवाल: क्या सत्ता को जनता की आलोचना से असहज होना चाहिए? लोकतंत्र में सव...

“‘जियो और जीने दो’ बनाम ‘मारो और जियो’: क्या भारतीय राज...

भारतीय राजनीति में बदलती राजनीतिक संस्कृति, विपक्ष के प्रति रवैया, असहमति की आज़ादी, सत्ता के केंद्रीकरण और लोकतांत्रिक जवाबदेही प...

This site uses cookies. By continuing to browse the site you are agreeing to our use of cookies Find out more here