Tag: नागरिक अधिकार

“जनता पर लाठी, सत्ता के आगे सलामी? पुलिस जनता की है या ...

पुलिस जनता की है या सत्ता की? लाठीचार्ज, हिरासत, राजनीतिक दबाव और पुलिस जवाबदेही पर विजय के बयान के बहाने उठते गंभीर सवाल।...

“जब प्रधानमंत्री ही जनता को बांटने लगें: ‘दिमागी नक्सल’...

प्रधानमंत्री के ‘दिमागी नक्सल’ और ‘नाराज फूफा’ वाले बयान पर सवाल: क्या सत्ता को जनता की आलोचना से असहज होना चाहिए? लोकतंत्र में सव...

“जब वर्दी संविधान भूल जाए: Justice Bhuyan की कड़ी चेताव...

Justice Ujjal Bhuyan की पुलिस कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी ने लोकतंत्र, नागरिक अधिकार, शांतिपूर्ण विरोध और पुलिस जवाबदेही पर गंभीर सवा...

एक पोस्ट से इतनी घबराहट क्यों? विरोध की आवाज दबाकर सरका...

आशीष जोशी से नौ घंटे की पूछताछ ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकारी कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। विरोध और आलोचना पर FIR या गिरफ...

महाराष्ट्र का मराठी मॉडल पूरे देश में लागू हुआ तो भारत ...

महाराष्ट्र में ऑटो, टैक्सी और कैब चालकों के लिए मराठी की अनिवार्यता पर उठे सवालों की पड़ताल। अगर हर राज्य रोजगार के लिए अपनी भाषा ...

“‘जियो और जीने दो’ बनाम ‘मारो और जियो’: क्या भारतीय राज...

भारतीय राजनीति में बदलती राजनीतिक संस्कृति, विपक्ष के प्रति रवैया, असहमति की आज़ादी, सत्ता के केंद्रीकरण और लोकतांत्रिक जवाबदेही प...

NEET Protest में पुलिस का ‘दमन’! सुप्रीम कोर्ट ने पूछा—...

NEET प्रदर्शन में पुलिस पर हिंसा और महिला प्रदर्शनकारियों से कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप ने पुलिस...

लाल किले से बड़े वादे, जमीन पर बढ़ती बेचैनी: किसान, युव...

भारत के बड़े विकास-सपनों और जमीनी हकीकत के बीच बढ़ती दूरी पर यह आलोचनात्मक विश्लेषण ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसान आय, बेरोजगारी, उच्...

संवाद बनाम टकराव: छात्र आंदोलनों को बल से नहीं, भरोसे औ...

छात्र आंदोलनों, पुलिस कार्रवाई और लोकतंत्र के बीच संतुलन पर यह विश्लेषण संवाद, विश्वास और संवैधानिक मूल्यों की आवश्यकता को रेखांकि...

सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत, सरकार की चुप्पी और उठते स...

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, मोदी सरकार की रणनीति, लोकतंत्र, संवाद, लद्दाख और राजनीतिक प्रभाव का 2026 के संदर्भ में विस्तृत, तथ्य-आ...

"क्या जनता सचमुच लोकतंत्र की मालिक है? जब सरकार अन्याय ...

क्या सरकार को अपनी गलतियों पर जनता से माफी मांगनी चाहिए? लोकतंत्र, जवाबदेही, नागरिक अधिकार और सरकार-जनता के रिश्ते पर एक गहन संपाद...

पासपोर्ट, चुनाव आयोग और संविधान: आखिर न्यायमूर्ति मदन ब...

क्या पासपोर्ट सिर्फ यात्रा का दस्तावेज़ है? क्या चुनाव आयोग की शक्तियाँ संविधान से ऊपर हो सकती हैं? पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मद...

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