Tag: संपादकीय
"अब अंध आज्ञाकारिता का समय नहीं रहा": Gen Z, RSS और भार...
क्या 15–19 वर्ष की नई पीढ़ी भारत की राजनीति और लोकतंत्र की दिशा बदल रही है? CJP आंदोलनों के बाद RSS प्रमुख मोहन भागवत के Gen Z संव...
क्या सरकार का काम शासन चलाना है या लोगों की पार्टी पर न...
CJP के कथित पार्टी वीडियो पर उठे विवाद के बहाने यह लेख लोकतंत्र, निजता और राजनीतिक जवाबदेही के बीच संतुलन की पड़ताल करता है। क्या ...
सत्ता का अहंकार, खाकी की क्रूरता और एक स्त्री का हस्तक्...
जंतर मंतर, छात्र आंदोलन, लोकतंत्र, धर्मेंद्र प्रधान, सीमा धुंडिया, पुलिस सुधार, नागरिक पत्रकारिता, मानवाधिकार, राजनीतिक विश्लेषण, ...
क्या अब सरकार से सवाल पूछना भी अपराध है? एथेनॉल विवाद म...
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर सवाल उठाने वाले सोशल मीडिया क्रिएटर्स पर FIR के बाद लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकारी जवाबदेह...
"Get ready for sudden death"- Iran, क्या दुनिया पारंपरि...
ईरान की चेतावनी के बहाने जानिए क्या दुनिया प्रॉक्सी वॉर की ओर बढ़ रही है। पारंपरिक युद्ध से अधिक खतरनाक छाया युद्ध, भारत पर प्रभाव...
"क्या जनता सचमुच लोकतंत्र की मालिक है? जब सरकार अन्याय ...
क्या सरकार को अपनी गलतियों पर जनता से माफी मांगनी चाहिए? लोकतंत्र, जवाबदेही, नागरिक अधिकार और सरकार-जनता के रिश्ते पर एक गहन संपाद...
"यमन और वेनेजुएला क्यों टूट गए, लेकिन ईरान और रूस क्यों...
यमन, वेनेजुएला, ईरान और रूस के अनुभवों के आधार पर समझिए कि खाद्य आत्मनिर्भरता किसी भी देश की सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत क्यों मानी जात...