Tag: Public Welfare
लाल किले से बड़े वादे, जमीन पर बढ़ती बेचैनी: किसान, युव...
भारत के बड़े विकास-सपनों और जमीनी हकीकत के बीच बढ़ती दूरी पर यह आलोचनात्मक विश्लेषण ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसान आय, बेरोजगारी, उच्...
हरित भारत का हिसाब: CAG की रिपोर्ट ने खोली सरकारी दावों...
CAG की Green India Mission रिपोर्ट ने सरकारी दावों की गंभीर पड़ताल की है। लक्ष्य से भारी पिछड़ने, कमजोर निगरानी, inflated आंकड़ों,...
जब अपने ही युवाओं को 'राष्ट्र-विरोधी' कहा गया: क्या मोह...
RSS प्रमुख मोहन भागवत के 'Gen Z आंदोलनकारी राष्ट्र-विरोधी नहीं हैं' बयान के बाद उठते बड़े सवालों का विश्लेषण। क्या छात्र आंदोलनों ...
मृत्यु भोज छोड़कर इस गांव ने दिया बड़ा संदेश: परंपरा नह...
बिहार के जमुई जिले के भरतपुर गांव में रविदास समाज ने मृत्यु भोज का बहिष्कार कर सामाजिक सुधार की नई मिसाल पेश की। यह लेख बताता है क...
ई20 पर बड़ा सवाल: माइलेज घटेगा तो आम आदमी का पैसा कैसे ...
ई20 ईंधन नीति पर विस्तृत संपादकीय। माइलेज, ईंधन खर्च, उपभोक्ता अधिकार, किसानों, जल संसाधनों, खाद्य सुरक्षा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता क...
'बीमारू' से 'टॉप-3 अर्थव्यवस्था' तक: योगी सरकार के दावे...
उत्तर प्रदेश के टॉप-3 अर्थव्यवस्था बनने के दावे का तथ्यात्मक विश्लेषण। बेरोज़गारी, शिक्षा, किसानों, बिजली, आर्थिक असमानता और जनकल्...
"कैसे राजनीतिक ब्रांडिंग, नैरेटिव मैनेजमेंट और प्रचार क...
राजनीति में बढ़ती पीआर कंपनियों, राजनीतिक ब्रांडिंग और नैरेटिव मैनेजमेंट की भूमिका पर एक गहन विश्लेषण। जानिए कैसे चुनावी प्रचार, स...
सहारा में 49 मौतें: जब विकास के शोर में इंसान की चीख दब...
नाइजर के सहारा मरुस्थल में 49 लोगों की दर्दनाक मौत आधुनिक विकास मॉडल, तकनीक की प्राथमिकताओं और जनकल्याण पर गंभीर सवाल खड़े करती है...
जब सत्ता की गलती की सजा जनता भुगते, तो जिम्मेदार कौन? ज...
क्या भारत को सत्ता और प्रशासन के लिए सख्त जवाबदेही कानून की जरूरत है? जानिए भ्रष्टाचार, लापरवाही और जनहित से जुड़े बड़े तर्क।...
लोकतंत्र बनाम बदले की राजनीति: क्या पश्चिम बंगाल सचमुच ...
West Bengal में post-election violence का issue फिर से national debate बन गया है। 2021 की हिंसा की दोबारा जांच के आदेश और नई शिकाय...