Tag: Police Reforms

“जनता पर लाठी, सत्ता के आगे सलामी? पुलिस जनता की है या ...

पुलिस जनता की है या सत्ता की? लाठीचार्ज, हिरासत, राजनीतिक दबाव और पुलिस जवाबदेही पर विजय के बयान के बहाने उठते गंभीर सवाल।...

“जब वर्दी संविधान भूल जाए: Justice Bhuyan की कड़ी चेताव...

Justice Ujjal Bhuyan की पुलिस कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी ने लोकतंत्र, नागरिक अधिकार, शांतिपूर्ण विरोध और पुलिस जवाबदेही पर गंभीर सवा...

जब खाकी के भीतर से उठी संवेदनशीलता की आवाज़: आईजी सीमा ...

जंतर-मंतर घटनाक्रम के बाद आईजी सीमा धुंडिया के हस्तक्षेप और 26 सुधारात्मक कदमों ने भारतीय पुलिसिंग, लोकतांत्रिक अधिकारों और संवेदन...

सत्ता का अहंकार, खाकी की क्रूरता और एक स्त्री का हस्तक्...

जंतर मंतर, छात्र आंदोलन, लोकतंत्र, धर्मेंद्र प्रधान, सीमा धुंडिया, पुलिस सुधार, नागरिक पत्रकारिता, मानवाधिकार, राजनीतिक विश्लेषण, ...

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