Tag: सुशासन
“जनता मालिक है या सरकारी व्यवस्था?” दिव्या मित्तल के सव...
दिव्या मित्तल के राजनीति में प्रवेश और व्यवस्था पर उठाए सवालों के बहाने समझिए कि प्रशासन में जवाबदेही, जनता की भूमिका और राजनीति म...
टैक्स दो, फिर भी सब कुछ खुद खरीदो? सरकारी स्कूल, अस्पता...
क्या भारत में टैक्स के बदले नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सरकारी सेवाएँ मिल रही हैं? सरकारी स्कूल, अस्पताल, न्यायपालिका, पुलिस, सड़क, ...
बैंकीपुर उपचुनाव का संदेश: क्या भारतीय राजनीति अब जाति,...
बैंकीपुर उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। क्या मतदाता अब ...
क्या सरकार का काम शासन चलाना है या लोगों की पार्टी पर न...
CJP के कथित पार्टी वीडियो पर उठे विवाद के बहाने यह लेख लोकतंत्र, निजता और राजनीतिक जवाबदेही के बीच संतुलन की पड़ताल करता है। क्या ...
सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत, सरकार की चुप्पी और उठते स...
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, मोदी सरकार की रणनीति, लोकतंत्र, संवाद, लद्दाख और राजनीतिक प्रभाव का 2026 के संदर्भ में विस्तृत, तथ्य-आ...
"क्या जनता सचमुच लोकतंत्र की मालिक है? जब सरकार अन्याय ...
क्या सरकार को अपनी गलतियों पर जनता से माफी मांगनी चाहिए? लोकतंत्र, जवाबदेही, नागरिक अधिकार और सरकार-जनता के रिश्ते पर एक गहन संपाद...
मुख्यमंत्री ने लगाये आरोप के बदले आरोप: क्या लोकतंत्र म...
प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री के हालिया भाषण के बहाने यह विश्लेषण समझता है कि लोकतंत्र में केवल आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि जवाबदेही, ...
30 साल का शासन, 64 स्लम और ₹2,700 करोड़ का सवाल: क्या ब...
क्या पटना की बांकीपुर विधानसभा में 30 साल के शासन के बावजूद विकास अधूरा है? 64 स्लम बस्तियां, Smart City Mission, AMRUT, PMAY (Urb...
क्या जिम्मेदार शासन होता तो 15 दिन तक नहीं चलता CJP प्र...
CJP प्रदर्शन के 15वें दिन छात्र के अस्पताल पहुंचने, सोनम वांगचुक के अनशन, परीक्षा प्रणाली, प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और सुशास...
सरकारी मंच से दावा, 80 करोड़ को मुफ्त राशन, फिर 25 करोड...
सरकार के 80 करोड़ मुफ्त राशन और 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के दावों का तार्किक विश्लेषण। आंकड़ों की विश्वसनीयता और नी...
"राम मंदिर ट्रस्ट पर आरोप, SIT रिपोर्ट पर सन्नाटा: आखिर...
**Description:** राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं, बिना एफआईआर शुरू हुई जांच, और एसआईटी रिपोर्ट को सार्वजनिक ...