चार धाम यात्रा 2026: पहले चरण में श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड उछाल, 40 लाख का आंकड़ा पार

चार धाम यात्रा 2026 के पहले चरण में रिकॉर्ड 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के दर्शन किए। पिछले वर्षों की तुलना में यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई, जिससे पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी बड़ा लाभ मिला।

चार धाम यात्रा 2026: पहले चरण में श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड उछाल, 40 लाख का आंकड़ा पार

डॉ बृजेश सती 

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा, देश की प्रमुख और पवित्र तीर्थ यात्राओं में एक है। यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ की यात्रा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्राचीन धार्मिक परंपराओं पर आधारित है। इन धामों में यात्रा का समय निर्धारित है। चार धामों के अलावा देश के किसी भी अन्य मंदिर में द्वार खुलने और बंद की परंपरा है। 
यह यात्रा तीन चरणों में की जाती है। पहले चरण मंदिरों के द्वार खुलने से 30 जून की अवधि का होता है। दूसरा वर्षा ऋतु के दौरान । जिसमें श्रद्धालुओं की संख्या कम होती है। तीसरा यात्रा काल सितंबर अक्टूबर से कपाट बंद होने तक की अवधि का रहता है। मुख्य रूप से यात्रा के दृष्टिकोण से पहला और तृतीय चरण महत्वपूर्ण है।
20वीं सदी के शुरुआती दशक में एक यात्रा काल में 50 हजार तीर्थ यात्री आते थे। अब आंकड़ा पचास लाख पार कर गया है। जानकारों के मुताबिक इस बार यह आंकड़ा 60 लाख पार कर सकता है।
यदि इस यात्रा काल के पहले चरण की बात की जाए, तो पहले 73 दिनों में रिकॉर्ड यात्री चार धाम पहुंचे। 19 अप्रैल से 30 जून तक कुल 40,39,991 श्रद्धालुओं ने चार धामों में दर्शन किया। सन 2025 में, 30 अप्रैल से 30 जून के बीच 35 लाख 66 हजार 149 यात्रियों ने दर्शन किए। जबकि सन 2024 में 10 मई से 30 जून तक यात्रियों की संख्या 28 लाख 32 हजार 115 रही। 24 की तुलना में 12,07,866 और सन 2025 से 4 लाख 73 हजार  यात्री अधिक आए। इस इस बार पहले चरण की यात्रा में 12 प्रतिशत का इजाफा हुआ। सन 2024 से 29 प्रतिशत अधिक है।
इस बार भी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि राज्यों से सर्वाधिक यात्री चार धाम यात्रा में आए। हालांकि इस बार अधिक मास (17 मई से 15 जून) के कारण नेपाल और दक्षिण भारत से पिछले वर्ष की तुलना कम यात्री पहुंचे। इसके अलावा बदरीनाथ और केदारनाथ में यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण कुछ यात्री दर्शन नहीं कर पाए। कई घंटों तक दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ा। 

बदरीनाथ में एक दिन में आए 21 हजार से अधिक यात्री

इस बार बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने से लेकर 30 जून की अवधि यानि पहले चरण के 69 दिनों में 13 लाख 76 हजार 861 यात्रियों ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन किये। प्रतिदिन का आंकड़ा 21 हजार 196 रहा। जबकि इसी दौरान पिछले यात्रा काल में प्रतिदिन आने वाली यात्रियों की संख्या लगभग 16 हजार 849 थी। पिछले साल की तुलना में पहले चरण में बदरीनाथ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में 23 फीसद का इजाफा हुआ।
वहीं केदारनाथ धाम में 70 दिनों में (22 अप्रैल से 30 जून तक) 13 लाख 61 हज़ार 160 यात्रियों ने भगवान केदारनाथ के दर्शन किये। प्रतिदिन यहां 20 हजार 122 यात्री धाम पहुंचे। पिछले साल इसी अवधि में 20 हजार 49 यात्री प्रतिदिन धाम पहुंचे। यहां मामूली बढ़ोतरी हुई।
यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में भी इस बार यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ। इस बार 19 अप्रैल से 30 जून के बीच 73 दिनों में यमुनोत्री धाम में 6 लाख 27 हजार यात्री पहुंचे। प्रतिदिन 8,589 यात्रियों की आमद हुई। पिछले यात्रा काल में इस दौरान यमुनोत्री आने वाले यात्रियों की संख्या लगभग यानी 5,74,900 थी। इस बार पहले दौर में  8.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इसी तरह गंगोत्री धाम में भी इस बार यात्रियों की संख्या में उछाल देखने को मिला। पिछले साल जहां 5,83,359 यात्री आए थे। वहीं इस बार यह आंकड़ा 6,64,857 रहा। यहां रोज 9107 श्रद्धालु आए।
यहां 12 प्रतिशत यात्री पहले चरण में अधिक आए।

पहले ही चरण में 40 लाख का आंकड़ा पार 

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023, 24 और 25 के यात्रा काल में चार धामों में क्रमशः 54 लाख, 46 लाख और 48 लाख से अधिक यात्रियों ने दर्शन किए। जबकि  इस बार यात्रा के पहले दो महीनों में चार धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई। 19 अप्रैल से 30 जून तक यहां 40,69,991 श्रद्धालु आ चुके हैं।
यदि आंकड़ों पर बारीकी से नजर डालें तो, तस्वीर और साफ हो जाती है। जहां वर्ष 23 के मुकाबले 2024 में चार धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगभग 16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वहीं 25 में लगभग 4 प्रतिशत वृद्धि हुई। जहां तक सन 2026 की यात्रा का सवाल है तो पहले दो महीनो में 12 फीसद का इजाफा हुआ है। 
 इस बार यात्रा अवधि अधिक रहेगी। गंगोत्री मंदिर के कपाट 9 नवंबर, गोवर्धन पूजा के दिन, यमुनोत्री और केदारनाथ मंदिरों के कपाट, भैया दूज,10 नवंबर को बंद होंगे। बदरीनाथ मंदिर के कपाट नवंबर माह के तीसरे या चौथे सप्ताह में बंद किए जायेगे।

रोज 59 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे,चार धाम

वर्ष 2026 के पहले दो महीना में चार धाम आने वाले यात्रियों के प्रतिदिन का आंकड़ा पिछले सालों की अपेक्षा ज्यादा रहा।
पर्यटन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार इस बार प्रतिदिन 59 हजार श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिर में दर्शन किए। जबकि जबकि पिछले साल यहआंकड़ा 55,885 था। सन 2024 में यह संख्या 52,000 के आसपास रही।
 इस बार चार धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 4631 अधिक रही।

मंदिर प्रबंधन, तीर्थ पुरोहित और कारोबारी उत्साहित

यात्रियों की संख्या में वृद्धि से मंदिरों का प्रबंधन और संचालन करने वाली संस्थाओं के पदाधिकारी, तीर्थ पुरोहित और होटल व्यवसाय से जुड़े लोग उत्साहित हैं। इनका मानना है कि यात्रा का पैटर्न ऐसा रहा, तो इस बार आंकड़ा 60 लाख पार कर जाएगा। 
बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का कहना है कि बदरीनाथ और केदारनाथ में कपाट खुलने से 30 जून तक 28 लाख श्रद्धालु पहुंचे। उनका कहना है कि तीसरे चरण की यात्रा को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 
गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव और चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल का कहना है कि गंगोत्री धाम में इस बार पिछले यात्रा काल की तुलना में इस बार लगभग सवा लाख यात्री अधिक पहुंचे।
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल का मानना है कि   यात्री सुविधाओं की ओर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। जानकी चट्टी से यमुनोत्री धाम के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने के साथ ही रोप वे निर्माण में तेजी लाई जाय।
चार धाम होटल एसोसिएशन सचिव निखिलेश सेमवाल ने कहा यात्रा के दो महीने उत्साह जनक रहे। पिछले दो वर्षों की तुलना में इस बार कारोबार ठीक रहा। उनके मुताबिक इस बार यात्रियों की संख्या सीमित नहीं थी। इसलिये ज्यादा यात्री आए।

https://politicsinsightindia.com/new/sarkar-maafi-jawabdehi-loktantra

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