Tag: सामाजिक न्याय
“रमाबाई ने दौड़ जीती, लेकिन सिस्टम हार गया! बेटी की कित...
बेटी की किताबों के लिए महाराष्ट्र की रमाबाई नंगे पैर दौड़ीं और जीत गईं। उनकी जीत से ज्यादा बड़ा सवाल उस व्यवस्था पर है, जो गरीबों ...
लाल किले से बड़े वादे, जमीन पर बढ़ती बेचैनी: किसान, युव...
भारत के बड़े विकास-सपनों और जमीनी हकीकत के बीच बढ़ती दूरी पर यह आलोचनात्मक विश्लेषण ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसान आय, बेरोजगारी, उच्...
सफाई कर्मचारियों का संघर्ष : केवल नौकरी नहीं, गरिमा, सम...
सफाई कर्मचारियों का संघर्ष केवल नियमितीकरण या वेतन का मुद्दा नहीं, बल्कि गरिमा, समानता, सामाजिक सुरक्षा और संविधान प्रदत्त जीवन के...
मृत्यु भोज छोड़कर इस गांव ने दिया बड़ा संदेश: परंपरा नह...
बिहार के जमुई जिले के भरतपुर गांव में रविदास समाज ने मृत्यु भोज का बहिष्कार कर सामाजिक सुधार की नई मिसाल पेश की। यह लेख बताता है क...
"सवाल पूछने वालों को गद्दार बताने का फैशन देश को कहाँ ल...
लोकतंत्र में असहमति और सरकार की आलोचना देशद्रोह नहीं, बल्कि जनविकास और जवाबदेही की आधारशिला है। बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसा...