Tag: सरकारी जवाबदेही

“सवालों के सामने बैरिकेड, जवाबों की जगह सफाई: क्या सत्त...

बैरिकेड के पीछे से सत्ता संचालन, जनता के सवालों पर रोक और संस्थागत जवाबदेही का संकट। ज्ञानेश कुमार प्रकरण के संदर्भ में लोकतंत्र, ...

PM Modi के 81 वर्षीय Schoolmate को 15 साल बाद भी न्याय ...

PM Modi के 81 वर्षीय स्कूलमेट का 15 साल पुराने Mumbai land dispute में न्याय की गुहार ने land records, police investigation, प्रशा...

“1,678 गलतियाँ और एक भूख हड़ताल: क्या सरकारी जवाबदेही क...

ओडिशा की सरकारी पाठ्यपुस्तकों में 1,678 से अधिक गलतियों ने शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक लापरवाही और सरकारी जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड...

हरित भारत का हिसाब: CAG की रिपोर्ट ने खोली सरकारी दावों...

CAG की Green India Mission रिपोर्ट ने सरकारी दावों की गंभीर पड़ताल की है। लक्ष्य से भारी पिछड़ने, कमजोर निगरानी, inflated आंकड़ों,...

जमीन पर बच्चे, कागजों पर निरीक्षण: चंद्रपुर की आश्रमशाल...

चंद्रपुर की 32 सरकारी और अनुदानित आश्रमशालाओं में 8,786 विद्यार्थियों में से 8,442 के पास पलंग नहीं हैं। करीब ₹99 करोड़ के खर्च के...

NCDC Amendment Bill 2026: सहकारिता के नाम पर किसका होगा...

NCDC Amendment Bill 2026 सहकारिता, किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े बड़े सवाल उठाता है। क्या बढ़ी वित्तीय शक्तियां किसानों क...

जब पंखे और पानी के लिए भी बच्चों को सड़क पर उतरना पड़े,...

उत्तर प्रदेश में पंखे, स्वच्छ पेयजल और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर स्कूली बच्चों के आंदोलन ने शिक्षा व्यवस्था और सरकारी जवाब...

एथेनॉल पर गडकरी का विरोधाभास: पहले आलोचकों पर मुकदमे, अ...

क्या एथेनॉल विवाद में नितिन गडकरी के सार्वजनिक बयान, अदालत में दिए गए दावे और संसद में की गई स्वीकारोक्ति एक-दूसरे से मेल खाते हैं...

पेपर लीक, Nuclear Data Leak से DRDO डेटा तक: आखिर देश क...

पेपर लीक, संवेदनशील डेटा विवाद और साइबर सुरक्षा से जुड़े लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच क्या भारत की सुरक्षा व्यवस्था गहन समीक्ष...

क्या अब सरकार से सवाल पूछना भी अपराध है? एथेनॉल विवाद म...

एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर सवाल उठाने वाले सोशल मीडिया क्रिएटर्स पर FIR के बाद लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकारी जवाबदेह...

काक्रोच जनता पार्टी: एक व्यंग्य, जो व्यवस्था की सबसे बड...

काक्रोच जनता पार्टी भले ही एक व्यंग्यात्मक आंदोलन हो, लेकिन उसके सवाल वास्तविक हैं। शिक्षा के बाजारीकरण, अवसरों की असमानता, बेरोजग...

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