Tag: Civil Rights
पुलिस की वर्दी संविधान की है या सत्ता की?...
दिल्ली के जंतर-मंतर और किसान घाट की घटनाओं की पृष्ठभूमि में यह संपादकीय पुलिस, संविधान और लोकतंत्र के संबंधों पर सवाल उठाता है। ले...
सत्ता का अहंकार, खाकी की क्रूरता और एक स्त्री का हस्तक्...
जंतर मंतर, छात्र आंदोलन, लोकतंत्र, धर्मेंद्र प्रधान, सीमा धुंडिया, पुलिस सुधार, नागरिक पत्रकारिता, मानवाधिकार, राजनीतिक विश्लेषण, ...
संवाद बनाम टकराव: छात्र आंदोलनों को बल से नहीं, भरोसे औ...
छात्र आंदोलनों, पुलिस कार्रवाई और लोकतंत्र के बीच संतुलन पर यह विश्लेषण संवाद, विश्वास और संवैधानिक मूल्यों की आवश्यकता को रेखांकि...
क्या जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ की गयी बदसलूकी के लिए ...
जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, जवाबदेही, प्रधानमंत्री से माफ...
सोनम वांगचुक का आमरण अनशन: क्या लोकतंत्र में भूख हड़ताल ...
सोनम वांगचुक के आमरण अनशन ने भारतीय लोकतंत्र, सरकार की जवाबदेही और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर नई बहस छेड़ दी है। पढ़ें गांधी, प...
सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत, सरकार की चुप्पी और उठते स...
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, मोदी सरकार की रणनीति, लोकतंत्र, संवाद, लद्दाख और राजनीतिक प्रभाव का 2026 के संदर्भ में विस्तृत, तथ्य-आ...