Tag: जनहित

“जनता मालिक है या सरकारी व्यवस्था?” दिव्या मित्तल के सव...

दिव्या मित्तल के राजनीति में प्रवेश और व्यवस्था पर उठाए सवालों के बहाने समझिए कि प्रशासन में जवाबदेही, जनता की भूमिका और राजनीति म...

“सवालों के सामने बैरिकेड, जवाबों की जगह सफाई: क्या सत्त...

बैरिकेड के पीछे से सत्ता संचालन, जनता के सवालों पर रोक और संस्थागत जवाबदेही का संकट। ज्ञानेश कुमार प्रकरण के संदर्भ में लोकतंत्र, ...

सवाल पूछना गुनाह है क्या? BCI की कार्रवाई पर सुप्रीम को...

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कानून छात्रों की आवाज दबाने और असहमति को नियंत्रित करने की कोशिशों पर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। जानिए ल...

“रमाबाई ने दौड़ जीती, लेकिन सिस्टम हार गया! बेटी की कित...

बेटी की किताबों के लिए महाराष्ट्र की रमाबाई नंगे पैर दौड़ीं और जीत गईं। उनकी जीत से ज्यादा बड़ा सवाल उस व्यवस्था पर है, जो गरीबों ...

“नशे में डूबता युवा, मोबाइल में कैद पीढ़ी और भ्रष्टाचार...

शिक्षा और आर्थिक असमानता, बेरोजगारी, नशे, मोबाइल की बढ़ती लत और भ्रष्टाचार के बीच फंसती युवा पीढ़ी पर तीखा विचार लेख। सवाल है—जब व...

स्कूल तबेले में, समाज सियासत में: क्या राजनीति ने हमारी...

राजनीतिक ध्रुवीकरण के दौर में सरकारी स्कूलों की बदहाली पर सवाल उठाने के बजाय समाज आपस में क्यों लड़ रहा है? जयपुर की घटना के बहाने...

जब अपने ही युवाओं को 'राष्ट्र-विरोधी' कहा गया: क्या मोह...

RSS प्रमुख मोहन भागवत के 'Gen Z आंदोलनकारी राष्ट्र-विरोधी नहीं हैं' बयान के बाद उठते बड़े सवालों का विश्लेषण। क्या छात्र आंदोलनों ...

जब पंखे और पानी के लिए भी बच्चों को सड़क पर उतरना पड़े,...

उत्तर प्रदेश में पंखे, स्वच्छ पेयजल और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर स्कूली बच्चों के आंदोलन ने शिक्षा व्यवस्था और सरकारी जवाब...

क्या अब सरकार से सवाल पूछना भी अपराध है? एथेनॉल विवाद म...

एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर सवाल उठाने वाले सोशल मीडिया क्रिएटर्स पर FIR के बाद लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकारी जवाबदेह...

भ्रष्टाचार का लाइसेंस: न जांच, न जवाबदेही, सिर्फ आरोप- ...

भारत की राजनीति में भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब अब जांच नहीं, बल्कि दूसरे नेताओं पर आरोप लगाकर दिया जाता है। उज्जैन भूमि विवाद, अ...

"कैसे राजनीतिक ब्रांडिंग, नैरेटिव मैनेजमेंट और प्रचार क...

राजनीति में बढ़ती पीआर कंपनियों, राजनीतिक ब्रांडिंग और नैरेटिव मैनेजमेंट की भूमिका पर एक गहन विश्लेषण। जानिए कैसे चुनावी प्रचार, स...

"सवाल पूछने वालों को गद्दार बताने का फैशन देश को कहाँ ल...

लोकतंत्र में असहमति और सरकार की आलोचना देशद्रोह नहीं, बल्कि जनविकास और जवाबदेही की आधारशिला है। बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसा...

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