Tag: जंतर मंतर
लाल किले से बड़े वादे, जमीन पर बढ़ती बेचैनी: किसान, युव...
भारत के बड़े विकास-सपनों और जमीनी हकीकत के बीच बढ़ती दूरी पर यह आलोचनात्मक विश्लेषण ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसान आय, बेरोजगारी, उच्...
जब अपने ही युवाओं को 'राष्ट्र-विरोधी' कहा गया: क्या मोह...
RSS प्रमुख मोहन भागवत के 'Gen Z आंदोलनकारी राष्ट्र-विरोधी नहीं हैं' बयान के बाद उठते बड़े सवालों का विश्लेषण। क्या छात्र आंदोलनों ...
सत्ता का अहंकार, खाकी की क्रूरता और एक स्त्री का हस्तक्...
जंतर मंतर, छात्र आंदोलन, लोकतंत्र, धर्मेंद्र प्रधान, सीमा धुंडिया, पुलिस सुधार, नागरिक पत्रकारिता, मानवाधिकार, राजनीतिक विश्लेषण, ...
जंतर मंतर का छात्र आंदोलन: कैसे 36 दिनों में बदल गई भार...
जंतर मंतर का 36 दिनों तक चला छात्र आंदोलन केवल एक धरना नहीं, बल्कि भारत में विरोध की बदलती संस्कृति का प्रतीक बन गया। मीम्स, व्यंग...
संवाद बनाम टकराव: छात्र आंदोलनों को बल से नहीं, भरोसे औ...
छात्र आंदोलनों, पुलिस कार्रवाई और लोकतंत्र के बीच संतुलन पर यह विश्लेषण संवाद, विश्वास और संवैधानिक मूल्यों की आवश्यकता को रेखांकि...
जंतर-मंतर का 'एग्जाम': युवाओं का अनशन, सत्ता का घमंड, स...
जंतर-मंतर पर 19 दिनों से जारी छात्र आंदोलन ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। सोनम वांगचुक के अनशन, पेपर लीक विवाद, विपक्...
14 दिन का अनशन, एक शिक्षक की पुकार और शिक्षा व्यवस्था प...
सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर CJP आंदोलन के समर्थन में अनशन पर हैं। जानिए आंदोलन की प्रमुख मांगें, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग...
काक्रोच जनता पार्टी: एक व्यंग्य, जो व्यवस्था की सबसे बड...
काक्रोच जनता पार्टी भले ही एक व्यंग्यात्मक आंदोलन हो, लेकिन उसके सवाल वास्तविक हैं। शिक्षा के बाजारीकरण, अवसरों की असमानता, बेरोजग...